सूत्रों का कहना है कि क़ाहिरा में क़तर पर प्रतिबंध लगाने वाले चार देशों, मिस्र, सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात और बहरैन के विदेश मंत्रियों की बैठक में तय पाया है कि दोहा द्वारा उनकी शर्तों का सकारात्मक जवाब नहीं देने के कारण, क़तर के साथ व्यापार करने वाली कंपनियों को भी प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
ग़ौरतलब है कि क़तर संकट शुरू होने के बाद, क़तर के पड़ोसी अरब देशों ने उसके लिए अपनी वायु, ज़मीनी और जल सीमाएं बंद कर दी थीं और उसके ख़िलाफ़ कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे।
इन प्रतिबंधों को समाप्त करने के लिए इन देशों ने दोहा के सामने 13 शर्तें रखी थीं और इन्हें मानने के लिए एक समय सीमा तय कर दी थी, जो बुधवार को समाप्त हो गई।
हालांकि क़तर ने सोमवार को ही इन मांगों का जवाब कुवैत को सौंप दिया था, जो इस संकट के समाधान में मध्यस्थता की भूमिका में है।
अलमयादीन टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़, क़ाहिरा में बुधवार को आयोजित हुई सऊदी अरब, मिस्र, यूएई और बहैरन के विदेश मंत्रियों की बैठक में तय पाया है कि फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद में क़तर की सदस्यता को निलंबित कर दिया जाएगा, क़तर के टीवी चैनल अलजज़ीरा को नायल सेट एवं अरब उपग्रहों से हटा दिया जाएगा और इन देशों में उसकी सम्पत्ति को ज़ब्त कर लिया जाएगा।
इसके अलावा, फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद के अन्य सदस्य देशों ओमान और कुवैत से भी कहा जाएगा कि वह क़तर के साथ अपने संबंधों को तोड़ लें।
5 जुलाई 2017 - 17:16
समाचार कोड: 840626
क़ाहिरा में क़तर पर प्रतिबंध लगाने वाले चार देशों, मिस्र, सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात और बहरैन के विदेश मंत्रियों की बैठक में तय पाया है कि दोहा द्वारा उनकी शर्तों का सकारात्मक जवाब नहीं देने के कारण, क़तर के साथ व्यापार करने वाली कंपनियों को भी प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।